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Bihar Badh Sahayata Yojana 2026

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026

Highlights

  • बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से पशुपालकों को हुए नुकसान में आर्थिक मदद दी जाती है।
  • सहायता पाने के लिए तय प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होता है।
  • Application Form के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं।
  • स्थानीय स्तर पर पशु की मृत्यु की जांच की जाती है।
  • सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बाद सहायता राशि दी जाती है।

Website

Directory Dairy, Fisheries and Animal Resources Department (opens in a new tab)

Customer Care

  • Disaster Cell, Department of Animal Husbandry, Bihar, Patna: 0612–2230942
  • Institute of Animal Health and Production, Bihar, Patna: 0612–2226049

Information Brochure

Summary of the Scheme

Name of Scheme Bihar Badh Sahayata Yojana 2026
Beneficiaries पशुपालक
Benefit बिहार में बाढ़, प्राकृतिक आपदा या राज्य सरकार द्वारा घोषित स्थानीय आपदा के कारण यदि किसी पशुपालक के पशु की मृत्यु हो जाती है, तो सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है।
Department / Implementing Agency दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और पशु संसाधन विभाग
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Mode of Application Offline

Scheme Introduction: A Brief Overview


बिहार बाढ़ सहायता योजना 2026 के तहत सहायता योजना बाढ़ और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए शुरू की गई है। बिहार में बाढ़, प्राकृतिक आपदा या राज्य सरकार द्वारा घोषित स्थानीय आपदा के कारण यदि किसी पशुपालक के पशु की मृत्यु हो जाती है, तो सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है। सहायता राशि पाने के लिए पशुपालक को तय प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होता है। इसके साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। इसके बाद स्थानीय स्तर पर पशु की मृत्यु की जांच की जाती है और सक्षम अधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद सहायता राशि का भुगतान किया जाता है।

अगर पशु का शव उपलब्ध नहीं है, तो पशुपालक को सनहा या प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उसकी प्रति संबंधित अंचलाधिकारी के पास जमा करनी होती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आपदा में पशुधन खोने वाले पशुपालकों को आर्थिक राहत देना है।बिहार बाढ़ सहायता योजना 2026 के तहत बाढ़ या अन्य आपदा में पशु की मृत्यु होने पर पशुपालकों को पशु की श्रेणी के अनुसार सहायता राशि दी जा सकती है। एक परिवार को अलग-अलग श्रेणी के पशुओं के लिए मिलने वाली सहायता की अधिकतम सीमा भी तय की गई है।

बाढ़ के साथ-साथ सुखा, वज्रपात, आग लगने या सरकार द्वारा मान्य अन्य आपदाओं में पशु की मृत्यु होने पर भी नियमों के अनुसार सहायता मिल सकती है। पशु की मृत्यु का सही कारण पता लगाने के लिए संभव होने पर पोस्टमार्टम कराया जाना जरूरी है।  अगर एक ही जगह और एक जैसी परिस्थिति में बड़ी संख्या में पशुओं या मुर्गियों की मौत होती है, तो मृत पशुओं में से करीब 5 से 10 प्रतिशत पशुओं का रैंडम पोस्टमार्टम कराया जा सकता है। इससे पशुओं की मौत का सही कारण पता लगाने में मदद मिलेगी।

आज के इस आर्टिकल में इस स्कॉलरशिप से संबंधित सभी जरूरी और महत्वपूर्ण जानकारियाँ जैसे आवेदन प्रक्रिया, योग्यता, आयु सीमा तथा अन्य सभी प्रकार की जानकारियां शामिल हैं। 

Benefits of the Scheme

  • आपदा में पशु की मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता मिलती है।
  • पशुपालकों को आपदा के बाद दोबारा अपनी आजीविका संभालने में मदद मिलती है।
  • बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के चलते हुए आर्थिक बोझ कम होता है।
  • वास्तविक नुकसान की जांच के बाद सहायता राशि दी जाती है।
  • पशु का शव नहीं मिलने पर भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सहायता राशि का प्रावधान है।
  • सहायता राशि सीधे पात्र पशुपालक के खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से मिल जाती है।

Financial Assistance

Animal Type Compensation Animal Limit Instructions
दूध देने वाले पशु:- गाय /भैंस /ऊँट /याक /मिथुन आदि। ₹37,500 कम से कम 3 पशु सिर्फ कमाई देने वाले पशुओं के वास्तविक नुकसान पर मिलेगा मुआवजा
बकरी /भेड़ /सुअर ₹4,000 कम से कम 30 पशु पात्रता और जांच के आधार पर
बोझा ढोने वाले पशु – बैल /ऊँट /घोड़ा आदि। ₹32,000 कम से कम 3 पशु वास्तविक नुकसान की जांच के आधार पर
बछड़ा /खच्चर /गधा /टट्टू ₹20,000 कम से कम 6 पशु वास्तविक नुकसान की जांच के आधार पर
मुर्गी पालन ₹100 प्रति पक्षी अधिकतम ₹5,000 तक जांच के आधार पर सहायता दी जाएगी
घर से जुड़े पशु शेड में आग लगने से नुकसान ₹3,000 प्रति पशु शेड आग से हुए नुकसान के आंकलन के बाद मिलेगी सहायता राशि

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026: सहायता अनुदान कब मिलेगा

  • पशु की मृत्यु की सूचना संबंधित विभाग को दी जाती है।
  • इसके बाद पशुपालक से आवेदन लिया जाता है।
  • आवेदन और दस्तावेजों की जांच की जाती है।
  • घटना से जुड़े जरूरी Recordतैयार किए जाते हैं।
  • जांच पूरी होने के बाद सक्षम अधिकारी से स्वीकृति ली जाती है।
  • प्रावधान के अनुसार, स्वीकृति के बाद एक सप्ताह के अंदर सहायता राशि के भुगतान का प्रावधान है।
  • वास्तविक भुगतान का समय स्थानीय जांच, दस्तावेजों, सरकारी स्वीकृति और Financial process पर निर्भर कर सकता है।

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026: अगर पशु का शव उपलब्ध है तो आवेदन कैसे करें?

  • सबसे पहले पशु की मृत्यु की सूचना नजदीकी पशु चिकित्सा अधिकारी को दें।
  • Form-A में पशु की मृत्यु के लिए सहायता का आवेदन भरें।
  • Application Form में नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, मृत पशु की जानकारी, मृत्यु का कारण और बैंक खाते की जानकारी सही-सही भरें।
  • आवेदन को मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, सरपंच, पंच या वार्ड सदस्य से Verified/Forwarded करवाएं।
  • इसके बाद आवेदन संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में जमा करें।
  • पशु चिकित्सा अधिकारी आवेदन और जांच रिपोर्ट को आगे अंचलाधिकारी (Circle Officer) के पास भेजेंगे।
  • अंचलाधिकारी दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवेदन की जांच एवं स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
  • जांच और स्वीकृति के बाद पात्र पशुपालक को निर्धारित सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा।

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026: अगर पशु का शव उपलब्ध नहीं है तो आवेदन कैसे करें?

  • अगर बाढ़ में पशु का शव बह गया है या नहीं मिल रहा है, तो सबसे पहले स्थानीय थाने में Police Report या FIR दर्ज कराएं।
  • Police Report/FIR की एक प्रति अपने पास सुरक्षित रखें।
  • इसके बाद सनहा/FIR की प्रति के साथ अंचलाधिकारी (CO) के पास पशु क्षति के लिए आवेदन दें।
  • CO संबंधित कर्मचारी के माध्यम से पशु की मृत्यु और हुए नुकसान की जांच करवाएंगे।
  • जांच पूरी होने के बाद Form C के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
  • अंचलाधिकारी पशु क्षति की जानकारी जिला पदाधिकारी (DM) को भेजेंगे।
  • जिला स्तर पर जरूरी जांच और दस्तावेजों की स्वीकृति के बाद सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू होगी।
  • प्रावधान के अनुसार, घटना के एक सप्ताह के अंदर सहायता राशि देने की बात कही गई है।
  • हालांकि, वास्तविक भुगतान का समय जांच, दस्तावेज और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगा।

Required Documents

  • पशुपालक का नाम और पूरा पता
  • मोबाइल नंबर
  • आधार कार्ड/आधार नंबर
  • मृत पशु का पूरा विवरण
  • पशु की संख्या और प्रकार
  • पशु की मृत्यु का कारण
  • घटना से जुड़ी जरूरी जानकारी
  • बैंक खाते का विवरण
  • शव उपलब्ध होने पर जांच रिपोर्ट या पशु चिकित्सा रिपोर्ट
  • शव उपलब्ध नहीं होने पर सनहा या FIR की प्रति

Offline Application Process

  1. सहायता के लिए Form A, Form B, and Form C विभागीय कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।
  2. पशुपालक इन Form के लिए जिला पशुपालन कार्यालय से जानकारी ले सकते हैं।
  3. प्रखंड पशुपालन कार्यालय से भी आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
  4. संबंधित पशु चिकित्सा पदाधिकारी के कार्यालय से भी जरूरी जानकारी मिल सकती है।
  5. ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है या नहीं, यह विभाग के मौजूदा निर्देशों पर निर्भर करेगा।
  6. आवेदन करने से पहले अपने जिले के पशुपालन कार्यालय या अंचल कार्यालय से वर्तमान प्रक्रिया की जानकारी जरूर ले लें।

Contact Details

आपदा कोषांग, पशुपालन विभाग, बिहार, पटना: 0612–2230942, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटन

Frequently Asked Questions

यह योजना बाढ़ और अन्य आपदाओं में पशुओं की मृत्यु होने पर प्रभावित पशुपालकों को आर्थिक सहायता देने के लिए है।

बाढ़, सुखाड़, वज्रपात, अग्निकांड और सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य आपदाओं में निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता मिल सकती है।

सहायता राशि पशु की श्रेणी के अनुसार निर्धारित होती है। परिवार के लिए अधिकतम Permissible limit भी लागू हो सकती है।

जांच और स्वीकृति पूरी होने के बाद भुगतान किया जाता है। प्रावधान के अनुसार एक सप्ताह के अंदर भुगतान का उल्लेख है, लेकिन वास्तविक समय प्रक्रिया पर निर्भर कर सकता है।

आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी, मृत पशु का विवरण और घटना से जुड़े जरूरी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

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