Maharashtra Post-metric Scholarship for Disabled
Highlights
- महाराष्ट्र सरकार द्वारा वित्तपोषित छात्रवृत्ति योजना।
- दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता।
- आवेदक की दिव्यांगता कम से कम 40% होनी चाहिए।
- आवेदक महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- 10वीं कक्षा के बाद की पात्र पढ़ाई के लिए आवेदन किया जा सकता है।
- रखरखाव भत्ता पाठ्यक्रम समूह और छात्रावास की स्थिति के अनुसार मिलता है।
- दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले विद्यार्थियों को रीडर भत्ता मिल सकता है।
- स्वीकृत ट्यूशन फीस और कुछ शैक्षणिक खर्चों के लिए भी सहायता का प्रावधान है।
- योजना में आय संबंधी कोई सीमा नहीं है।
- आवेदन निर्धारित फॉर्म के माध्यम से ऑफलाइन किया जाता है।
Website
महाराष्ट्र सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग (opens in a new tab)
Customer Care
18001208040
Information Brochure
Summary of the Scheme
| Name of Scheme | Maharashtra Post-metric Scholarship for Disabled |
|---|---|
| Beneficiaries | महाराष्ट्र के 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र विद्यार्थी, जो 10वीं के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं |
| Benefit | पाठ्यक्रम और छात्रावास की स्थिति के अनुसार ₹230 से ₹1,200 प्रति माह तक रखरखाव भत्ता, दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए रीडर भत्ता तथा पात्र ट्यूशन फीस और शैक्षणिक खर्चों की सहायता। |
| Department / Implementing Agency | Social Justice and Special Assistance Department, Government of Maharashtra |
| योजना का नाम | State Post-metric Scholarship for Disabled |
| राज्य | महाराष्ट्र |
| संबंधित विभाग | Social Justice and Special Assistance Department |
| लाभार्थी | दिव्यांग विद्यार्थी |
| न्यूनतम दिव्यांगता | 40% |
| शैक्षणिक योग्यता | 10वीं उत्तीर्ण और उसके बाद की पढ़ाई |
| आय सीमा | कोई आय सीमा नहीं |
| आवेदन का माध्यम | ऑफलाइन |
| अध्ययनवृत्ति का वित्तपोषण | महाराष्ट्र राज्य सरकार |
| Subscription | Subscribe here to get updates about this scheme |
| Mode of Application | Offline |
Scheme Introduction: A Brief Overview
State Post-metric Scholarship for Disabled महाराष्ट्र सरकार की एक राज्य-वित्तपोषित छात्रवृत्ति योजना है। इसे सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग द्वारा लागू किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता देना है।
इस योजना के अंतर्गत 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद हायर सेकेंडरी, डिग्री, मेडिकल, इंजीनियरिंग, तकनीकी, व्यावसायिक और अन्य पात्र पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदक की दिव्यांगता कम से कम 40% होनी चाहिए और वह महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना चाहिए।
योजना में पाठ्यक्रम के समूह और विद्यार्थी के छात्रावास या डे-स्कॉलर होने के आधार पर रखरखाव भत्ता दिया जाता है। दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले विद्यार्थियों के लिए रीडर भत्ता भी निर्धारित है। इसके अतिरिक्त, सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत ट्यूशन फीस, अध्ययन यात्रा और प्रोजेक्ट टाइपिंग खर्चों के लिए भी सहायता का प्रावधान है।
आवेदन निर्धारित फॉर्म में करना होता है। विद्यार्थी को अपने स्कूल या कॉलेज से आवेदन फॉर्म लेकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना चाहिए। आवेदन करने से पहले वर्तमान नियमों और दस्तावेजों की पुष्टि संबंधित जिला सामाजिक कल्याण कार्यालय से करें।
Benefits of the Scheme
- समूह A के छात्रावासी विद्यार्थियों को ₹1,200 प्रति माह रखरखाव भत्ता।
- समूह A के डे-स्कॉलर विद्यार्थियों को ₹550 प्रति माह रखरखाव भत्ता।
- समूह B के छात्रावासी विद्यार्थियों को ₹820 प्रति माह रखरखाव भत्ता।
- समूह B के डे-स्कॉलर विद्यार्थियों को ₹530 प्रति माह रखरखाव भत्ता।
- समूह C के छात्रावासी विद्यार्थियों को ₹820 प्रति माह रखरखाव भत्ता।
- समूह C के डे-स्कॉलर विद्यार्थियों को ₹530 प्रति माह रखरखाव भत्ता।
- समूह D के छात्रावासी विद्यार्थियों को ₹570 प्रति माह रखरखाव भत्ता।
- समूह D के डे-स्कॉलर विद्यार्थियों को ₹300 प्रति माह रखरखाव भत्ता।
- समूह E के छात्रावासी विद्यार्थियों को ₹380 प्रति माह रखरखाव भत्ता।
- समूह E के डे-स्कॉलर विद्यार्थियों को ₹230 प्रति माह रखरखाव भत्ता।
- दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले विद्यार्थियों के लिए ₹50 से ₹100 प्रति माह तक रीडर भत्ता।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत ट्यूशन फीस की सहायता।
- अध्ययन यात्रा के लिए ₹500 प्रति वर्ष तक सहायता।
- प्रोजेक्ट टाइपिंग के लिए ₹600 प्रति वर्ष तक सहायता।
Financial Assistance
| पाठ्यक्रम समूह | छात्रावासी भत्ता | डे-स्कॉलर भत्ता |
|---|---|---|
| समूह A: मेडिकल, इंजीनियरिंग, कृषि, पशु चिकित्सा और स्नातकोत्तर डिग्री | ₹1,200 प्रति माह | ₹550 प्रति माह |
| समूह B: मेडिकल, इंजीनियरिंग, कृषि और पशु चिकित्सा में डिप्लोमा | ₹820 प्रति माह | ₹530 प्रति माह |
| समूह C: कला, विज्ञान, वाणिज्य में स्नातकोत्तर और प्रोफेशनल एजुकेशन डिप्लोमा | ₹820 प्रति माह | ₹530 प्रति माह |
| समूह D: डिग्री पाठ्यक्रम का दूसरा वर्ष और उसके बाद | ₹570 प्रति माह | ₹300 प्रति माह |
| समूह E: 11वीं कक्षा, 10वीं कक्षा और डिग्री का पहला वर्ष | ₹380 प्रति माह | ₹230 प्रति माह |
Eligibility Criteria
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- आवेदक महाराष्ट्र का स्थायी निवासी या महाराष्ट्र का डोमिसाइल धारक होना चाहिए।
- आवेदक महाराष्ट्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज में अध्ययनरत होना चाहिए।
- आवेदक दिव्यांग व्यक्ति होना चाहिए।
- आवेदक की दिव्यांगता कम से कम 40% होनी चाहिए।
- आवेदक ने 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की होनी चाहिए।
- आवेदक पिछली योग्यता परीक्षा में अनुत्तीर्ण नहीं हुआ होना चाहिए।
- आवेदक 10वीं के बाद हायर सेकेंडरी, डिग्री, तकनीकी, मेडिकल, इंजीनियरिंग या अन्य पात्र पाठ्यक्रम में पढ़ रहा होना चाहिए।
- योजना के लिए कोई आय सीमा निर्धारित नहीं है।
- पहले इस योजना का लाभ ले चुके विद्यार्थी के दोबारा आवेदन पर लागू नियमों की जाँच आवश्यक है।
Required Documents
- आधार कार्ड
- दो पासपोर्ट आकार की तस्वीरें, जिन पर आवेदक के हस्ताक्षर हों
- महाराष्ट्र का निवास प्रमाणपत्र या डोमिसाइल प्रमाणपत्र
- दिव्यांगता प्रमाणपत्र
- बैंक खाते का विवरण: बैंक का नाम, शाखा, पता और IFSC कोड
- नवीनतम शैक्षणिक योग्यता का प्रमाणपत्र या अंकतालिका
- 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाणपत्र
- स्कूल या कॉलेज से बोनाफाइड प्रमाणपत्र
- पोस्ट-मैट्रिक पाठ्यक्रम में अध्ययन का प्रमाण, जैसे फीस रसीद
- स्कूल, कॉलेज या जिला सामाजिक कल्याण कार्यालय द्वारा माँगे गए अन्य दस्तावेज
दस्तावेजों की स्व-सत्यापित प्रतियाँ तैयार रखें। अंतिम सूची और दस्तावेजों के प्रारूप की पुष्टि संबंधित स्कूल, कॉलेज या जिला सामाजिक कल्याण कार्यालय से करें।
How to Apply
- अपने स्कूल या कॉलेज के संबंधित अधिकारी से State Post-metric Scholarship for Disabled का आवेदन फॉर्म माँगें।
- आवेदन फॉर्म के सभी अनिवार्य फ़ील्ड सही-सही भरें।
- निर्धारित स्थान पर पासपोर्ट आकार की तस्वीर लगाएँ और उस पर हस्ताक्षर करें।
- आवश्यक दस्तावेजों की स्व-सत्यापित प्रतियाँ संलग्न करें।
- भरा हुआ और हस्ताक्षरित आवेदन फॉर्म स्कूल या कॉलेज के संबंधित अधिकारी को जमा करें।
- आवेदन के साथ सभी आवश्यक प्रमाणपत्र और बैंक विवरण दें।
- आवेदन जमा करने के बाद रसीद या पावती प्राप्त करें।
- आवेदन की जाँच और आगे की प्रक्रिया के लिए स्कूल, कॉलेज या जिला सामाजिक कल्याण कार्यालय के निर्देशों का पालन करें।
Offline Application Process
- संबंधित स्कूल या कॉलेज से आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- फॉर्म में व्यक्तिगत, शैक्षणिक और बैंक खाते की जानकारी भरें।
- महाराष्ट्र का डोमिसाइल प्रमाणपत्र और दिव्यांगता प्रमाणपत्र संलग्न करें।
- 10वीं की अंकतालिका, नवीनतम शैक्षणिक प्रमाणपत्र और बोनाफाइड प्रमाणपत्र संलग्न करें।
- आवश्यक तस्वीरें लगाएँ और फॉर्म पर हस्ताक्षर करें।
- आवेदन और दस्तावेज संबंधित स्कूल या कॉलेज के अधिकारी को जमा करें।
- आवेदन जमा करने की पावती सुरक्षित रखें।
- यदि अतिरिक्त दस्तावेज माँगे जाएँ, तो संबंधित अधिकारी के निर्देशानुसार जमा करें।
Important Points About Scheme
- आवेदक की दिव्यांगता कम से कम 40% होनी चाहिए।
- महाराष्ट्र का डोमिसाइल प्रमाणपत्र अनिवार्य दस्तावेजों में शामिल है।
- आवेदक ने पिछली योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण की होनी चाहिए।
- आवेदन फॉर्म स्कूल या कॉलेज से प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा करें।
- योजना में आय सीमा नहीं है।
- भत्ता पाठ्यक्रम समूह और छात्रावास या डे-स्कॉलर की स्थिति के अनुसार निर्धारित होता है।
- अंतिम दस्तावेज सूची और वर्तमान प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित कार्यालय से करें।
Important Links
Contact Details
Social Justice and Special Assistance Department, Government of Maharashtra
1st Floor, Annex Building, Mantralaya, Madam Cama Road, Hutatma Rajguru Chowk, Nariman Point, Mumbai – 400032
022-22026688
Status Check
- आवेदन जमा करने के बाद प्राप्त पावती सुरक्षित रखें।
- अपने स्कूल या कॉलेज के संबंधित अधिकारी से आवेदन की स्थिति पूछें।
- आवश्यकता होने पर जिला सामाजिक कल्याण कार्यालय से संपर्क करें।
- संपर्क करते समय आवेदन की पावती और विद्यार्थी का विवरण साथ रखें।
Frequently Asked Questions
यह महाराष्ट्र सरकार की छात्रवृत्ति योजना है, जिसका उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को 10वीं के बाद उच्च शिक्षा जारी रखने में आर्थिक सहायता देना है।
आवेदक की दिव्यांगता कम से कम 40% होनी चाहिए।
हाँ। महाराष्ट्र का निवास या डोमिसाइल प्रमाणपत्र अनिवार्य दस्तावेजों में शामिल है।
नहीं। महाराष्ट्र दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस योजना में आय सीमा नहीं है।
समूह A के छात्रावासी विद्यार्थी को ₹1,200 प्रति माह रखरखाव भत्ता मिलता है।
समूह A के डे-स्कॉलर विद्यार्थी को ₹550 प्रति माह रखरखाव भत्ता मिलता है।
हाँ। पात्र दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले विद्यार्थियों के लिए समूह के अनुसार ₹50, ₹75 या ₹100 प्रति माह रीडर भत्ते का प्रावधान है।
अध्ययन यात्रा खर्च के लिए ₹500 प्रति वर्ष तक सहायता का प्रावधान है।
प्रोजेक्ट टाइपिंग खर्च के लिए ₹600 प्रति वर्ष तक सहायता का प्रावधान है।
उपलब्ध योजना विवरण के अनुसार आवेदन निर्धारित फॉर्म के माध्यम से ऑफलाइन किया जाता है।
उपलब्ध योजना जानकारी के अनुसार आवेदन प्रक्रिया निःशुल्क है।
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